सीधा जवाब: VeriPatra यह पता नहीं कर सका कि हस्ताक्षर वाले प्रमाणपत्र को जारी करने वाले प्राधिकरण ने बाद में उसे रद्द तो नहीं कर दिया। समय से पहले प्रमाणपत्र रद्द करने को रिवोकेशन (revocation) कहते हैं। हस्ताक्षर की बाक़ी सब बातें ठीक हो सकती हैं। बस एक सवाल का जवाब नहीं मिला, इसलिए VeriPatra उस जाँच को पास दिखाने के बजाय छोड़ देता है।
आप इसे एक ग़ायब पंक्ति के रूप में देखेंगे। जाँचों में "प्राधिकरण ने यह प्रमाणपत्र रद्द नहीं किया है" नहीं दिखेगा।
इसका मतलब क्या है
हर प्रमाणपत्र में उसकी समाप्ति तिथि लिखी होती है। लेकिन प्राधिकरण उस तिथि से पहले भी प्रमाणपत्र रद्द कर सकता है। आम कारण हैं: निजी कुंजी चोरी हो गई या उजागर हो गई, धारक का नाम बदल गया, या धारक ने वह संस्था छोड़ दी जिसके लिए प्रमाणपत्र जारी हुआ था।
प्राधिकरण रद्दीकरण की जानकारी दो मानक तरीक़ों से देते हैं:
- CRL (certificate revocation list): रद्द किए गए प्रमाणपत्रों की तारीख़ वाली सूची, जिस पर प्राधिकरण का हस्ताक्षर होता है;
- OCSP: एक ऑनलाइन सेवा जो एक-एक प्रमाणपत्र के लिए ठीक (good), रद्द (revoked) या अज्ञात (unknown) बताती है।
जाँचने वाला यह स्थिति दो तरह से जान सकता है। या तो हस्ताक्षरकर्ता ने हस्ताक्षर करते समय यह जवाब PDF के अंदर रख दिया हो, या जाँचने वाला सीधे प्राधिकरण की CRL या OCSP सेवा से पूछे। जब PDF में जवाब न हो और सेवा तक पहुँचा न जा सके, वह जवाब न दे, या अज्ञात बताए, तो सवाल खुला रह जाता है।
यह क्यों मायने रखता है
अगर हस्ताक्षर की कुंजी चोरी हो गई, तो प्राधिकरण के प्रमाणपत्र रद्द करने तक कोई और व्यक्ति मालिक के नाम से हस्ताक्षर कर सकता है। रिवोकेशन की जाँच इसी को पकड़ती है। किसी सामान्य दस्तावेज़ के लिए यह खुला सवाल शायद ज़्यादा मायने न रखे। लेकिन अनुबंध, भुगतान के निर्देश या सरकारी आदेश के लिए दोबारा देखना ज़रूरी है।
सुरक्षित टाइमस्टैम्प इसमें मदद करता है। वह हस्ताक्षरकर्ता से स्वतंत्र रूप से दर्ज करता है कि हस्ताक्षर कब हुआ, ताकि हस्ताक्षर के समय की तुलना बाद के किसी रद्दीकरण से की जा सके। VeriPatra इसे "हस्ताक्षर का समय एक सुरक्षित टाइमस्टैम्प में दर्ज है" के रूप में दिखाता है।
क्या करें
1. बाक़ी नतीजा देखें
अगर हस्ताक्षर में कोई बदलाव नहीं हुआ, हस्ताक्षरकर्ता मान्यता प्राप्त प्राधिकरण से जुड़ता है और सिर्फ़ रद्दीकरण का जवाब नहीं मिला, तो जोखिम उस स्थिति से कम है जहाँ कई जाँचें विफल हों। फ़ैसला करने से पहले पूरी तकनीकी रिपोर्ट पढ़ें।
2. कुछ देर बाद फिर जाँचें
प्राधिकरण की सेवाएँ कभी-कभी धीमी होती हैं या थोड़ी देर के लिए उपलब्ध नहीं होतीं। बाद में, ठीक कनेक्शन पर, दोबारा जाँचने से यह कमी भर सकती है।
3. ज़रूरी दस्तावेज़ों में भेजने वाले से पूछें
भेजने वाले से पुष्टि करें कि हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र अभी भी लागू है। आप ऐसी प्रति भी माँग सकते हैं जिसमें लंबे समय तक जाँच की जानकारी शामिल हो, जिसे अक्सर LTV कहते हैं।
4. अपना रिकॉर्ड रखें
VeriPatra हर जाँच को आपके डिवाइस पर एक स्थानीय रिकॉर्ड के रूप में सहेजता है। अगर बाद में यह स्थिति मायने रखे, तो आप दिखा सकते हैं कि आपने क्या और कब जाँचा।
आम सवाल
क्या यह प्रमाणपत्र की समय-सीमा ख़त्म होने जैसा ही है?
नहीं। समाप्ति तिथि प्रमाणपत्र के अंदर लिखी होती है, और VeriPatra उसे अलग से जाँचता है: "हस्ताक्षर के समय प्रमाणपत्र मान्य था"। रिवोकेशन समय से पहले किया गया रद्दीकरण है, जिसकी जानकारी केवल जारी करने वाला प्राधिकरण दे सकता है।
LTV क्या है?
Long-term validation, यानी लंबे समय तक जाँच। हस्ताक्षरकर्ता हस्ताक्षर जाँचने के लिए ज़रूरी प्रमाणपत्र और रद्दीकरण के जवाब PDF के अंदर ही रख देता है, ताकि बरसों बाद भी जाँच हो सके। यूरोपीय PAdES मानक (ETSI EN 319 142-1) इसे हस्ताक्षर जाँचने के लिए ज़रूरी पूरी सामग्री शामिल करना बताता है।
क्या सेल्फ़-साइन्ड प्रमाणपत्र का रद्दीकरण-जवाब होता है?
नहीं। सेल्फ़-साइन्ड प्रमाणपत्र के पीछे कोई स्वतंत्र प्राधिकरण नहीं होता, इसलिए पूछने के लिए कोई स्वतंत्र संस्था नहीं होती। यह एक अलग चेतावनी है, जिसे हस्ताक्षर सही, पर हस्ताक्षरकर्ता अनजान में समझाया गया है।
और पढ़ें: हस्ताक्षर के बाद बदलाव और तीन नतीजे।
एक PDF डालें और आठों जाँच खुद देखें। कोई खाता नहीं; PDF रखा नहीं जाता।